वायरिंग किसे कहते हैं ? वायरिंग क्या है? What is Wiring?

किसी सर्किट में वायर , स्विच, होल्डर और विद्युत उपकरण इत्यादि को बिदुत नियम के अनुसार एक साथ जोड़ने की प्रक्रिया को वायरिंग कहते हैं किसी भी स्थान पर वायरिंग करने से पहले कुछ नियम और सावधानियों को ध्यान रखना चाहिए

मजबूती 

चुनी जाने वाली वायरिंग और उसमे इस्तेमाल होने वाली सामाग्री जैसे तार इत्यादि इस स्थान के वातावरण के अनुसार होनी चाहिए

सुरक्षा

वायरिंग एक अच्छे और कुशल इलेक्ट्रिशियन से करवाना या करना चाहिए और लीकेज अथवा शोक का कोई खतरा नहीं होना चाहिए


मूल्य

चुनी हुई वायरिंग सस्ती कम खर्च वाला होना चाहिए जिससे वायरिंग करवाने वाले पर कम ख़रच लगे। दूसरी ओर काम लागत लगाने के चक्कर के घटिया रात का उपयोग नहीं करना चाहिए।


सुविधा

वायरिंग सिस्टम मे वायरिंग को बढ़ाने या दोबारा बदलने की सुविधा जरूर होनी चाहिए जिससे आसानी से बधाई या बदली जा सके


वायरिंग सुरू करने से पहले B.I.S. नियम 

वायरिंग मे प्रयोग होने वाली केबल, नमी, राशयनिक तथा आग से सुरक्षित होनी चाहिए

सभी उपकरणों का एक सिरा न्यूट्रल वायर से बिना किसी स्वीच के एक साथ न्यूट्रल वायर से जोड़ना चाहिए

स्वीच हमेशा फेस वायर से जोड़ना चाहिए

सभी लोहे के कवर जिसमे करंट गुजरी जा रही हो अर्थ तार से जोड़ लेना चाहिए जैसे मैन स्विच का कवर इत्यादि

फेज वायर को फ्यूज़ द्वारा सुरक्शित रखना चाहिए 

अर्थ वायर के बीच में किसी तरह का स्विच नहीं होना चाहिए 

बोर्ड की उचाई जमीन से 1.5 मीटर की उचाई पर होनी चाहिए और ये प्रवेश द्वार के बाई ओर होनी चाहिए

जमीन से पंखे की उचाई 2.5 मीटर होनी चाहिए

थ्री फेज सप्लाइ को अलग अलग रंगो वाले टार जैसे लाल पीला और नीले रंकगो से प्रदर्शित करना चाहिए

440 वॉल्ट के सभी मशीनों को डबल अर्थिङ्ग करनी चाहिए

वेयरिंग पूरी करने के बाद इसको मैगर के द्वारा चेक करना चाहिए


वायरिंग कितने प्रकार के होते हैं? (Type Of Wiring)

सामान्यतः वायरिंग चार प्रकार की होती है

  1. क्लीट वायरिंग
  2. सी.टी.एस वायरिंग 
  3. केसिंग केपिंग वायरिंग
  4. कोंदुइट पाइप वायरिंग


वायरिंग की टेस्टिंग

प्रत्येक नयी वायरिंग को सप्लाइ देने के पहले उसका टेस्ट करना जरूरी हाइयाह जरूर से चेक कर ले की वायरिंग मे काही ओपें सर्किट, शॉर्ट सर्किट या लीकेज तो नहीं है इसको टेट करने के लिए मेग्गर का प्रयोग करे। नयी वारींग के टेस्ट कई तरह से किए जाते हैं नीचे पढे


अर्थ और वायरिंग के बीच इन्स्युलेशन टेस्ट

पोलेरिटी टेस्ट

सर्किट कंटिन्युती

तारो के आपस मे इन्स्युलेशन

शॉर्ट सर्किट टेस्ट

अर्थ कंटिन्युती


अर्थ और वायरिंग के मध्य इन्स्युलेशन टेस्ट

मेन स्विच ऑफ करके फ्यूज़ निकाल दे

सर्किट के सभी स्विच ऑन कर दे

सभी फिटिंगों को शॉर्ट कर दे

माइगर का हैंडल घुमाओ तथा रीडिंग पढ़ो यह दो मेगा ओहम से कम नहीं होना चाहिए 


तारो का आपस मे इन्स्युलेशन टेस्ट

मेन स्विच को ऑफ कर के सभी फ्यूज़ निकाल दे

सर्किट के सभी स्विच ऑन कर दे

सभी बल्ब आदि निकाल दे

माइगर का हैंडल घुमाओ तथा रीडिंग पढ़ो यह इस से कम नहीं होना चाहिए।


यह भी पढ़ें;

वायर कितने प्रकार की होती है

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