भारत में अणु शक्ति वाले खनिज भण्डार :- प्रकृति में कुछ ऐसे तत्व हैं जिनका नाभिक स्वतः विखंडित होता रहता है तथा उनसे ऊर्जा निकलती रहती है। ऐसे तत्वों को अणु शक्ति वाले खनिज कहा जाता है। यह तत्व धात्विक खनिज होते हैं।
प्रकृति में पाये जाने वाले अणु शक्ति खनिज निम्नलिखित है-
— यूरेनियम, थोरियम, बेरिलियम, जिक्रोन, एण्टीमनी
रेडियोएक्टिव तत्वों का विखंडन करने से ऊर्जा प्राप्त होती है।
यूरेनियम (Uranium)
भारत में विश्व का 2% यूरेनियम उत्पादन होता है। यह प्रकृति में स्वतंत्र रूप में पाया जाता है।इसमें स्वतः विखंडन क्षमता होती है। यूरेनियम के प्रमुख अयस्क- पिचब्लेंड, सामरस्काइट, थोरियानाइट। भारत का 70 फीसदी यूरेनियम उत्पादन झारखण्ड के सिंहभूमि जिले में, जादूगोड़ा की खान में होता है।
यूरेनियम एक प्रकार का रसायनी के तत्व है जो सिल्वर ग्रे रंग का होता है। प्रकृति में पाए गए तत्वों में यह सबसे भारी तत्व है। इसका प्रदैसक चिन्ह U और परमाणु संख्या 92 होती है। यूरेनियम का उपयोग परमाणु हथियार , विद्युत ऊर्जा और परमाणु युग के कार्यो में किया जाता है। भारत की यूरेनियम जादूगोड़ा(झारखंड), अंद्रप्रदेश में पाया जाता है। यह लगभग हर पहाड़, मिट्टी, नदियों और महासागरों में पाया जा सकता है। यूरेनियम का सर्वाधिक भण्डार ऑस्ट्रेलिया में है जो दुनिया का 29 फीसदी है
1 किलो यूरेनियम की कोमल लगभग 3 करोड़ हो सकती है।
भारत में यूरेनियम की प्रमुख खाने-
- झारखण्ड- जादूगोड़ा।
- मेघालय- खासी पहाड़ी।
- आन्ध्र प्रदेश- तुम्मलापल्ली।
थोरियमई ई (Thorium)
थोरियम प्रकृति में स्वतंत्र रूप से नहीं पाया जाता है। यह मोनाजाइट बालू से प्राप्त किया जाता है। जोकि केरल का एक तटीय क्षेत्र है। यह धातु स्वतः विखण्डनीय नहीं होता है। इसका रासायनिक चिन्ह "Th" होता है। परमाणु संख्या "90" होती है।
भारत विश्व का सबसे अधिक थोरियम उदपादक देश है। थोरियम भारत के केरल राज्य में बहुत अधिक मात्रा में उपलब्ध है। बिहार में भी इसके होने की इसकी पुष्टि हाई है
भारत में थोरियम की प्रमुख खाने-
- केरल
- बिहार


