चुंबक क्या है - What Is Magnet? ITI electrician
जो पदार्थ लोह धातु को अपनी ओर आकर्षित करे वह चुंबक कहलाती है। चुंबक लोहे और स्टील आकर्षित करते है। धातु को अपनी ओर आकर्षित करने का गुण चुंबकत्व कहलाता है घूमने वाले सभी उपकरण या जिसमे घूमने वाले पार्ट जेसे मोटर लगी हो, चुंबक से चलते है।
चुंबक कितने प्रकार के होते हैं
चुंबक 2 प्रकार के होते है
- प्राकृतिक चुंबक ( Naturel magnet)
- क्रतीम चुंबक ( Artificial Magnet )
1. प्राकृतिक चुंबक (Naturel Magnet)
प्राकृतिक चुंबक वह चुंबक होती है जो पत्थर के रूप में पाया जाता है प्राकृतिक चुंबक में कोई आकार नही होती और न ही कोई निश्चित शक्ति होती है आवश्यकता के अनुसार इसकी शक्ति बड़ाई नहीं जा सकती, जिस कारण इसे उपकरणों में उपयोग में नही लिया जा सका।
क्रतीम चुंबक ( Artificial Magnet Or Electro Magnet )
क्रतीम चुंबक मानव द्वारा बनाई गई चुंबक है जिसे जरूरत के हिसाब से आकार, बल, दिया जा सकता है क्रतिम चुंबक में 2 पोल होते हैं
- नॉर्थ पोल - N से प्रदर्शित करते हैं।
- साउथ पोल - S से प्रदर्शित करते हैं।
क्रतीम चुंबक ( artificial magnet ) को 2 प्रकार से बनाया जाता है इस लिए इसे 2 भागों में बात गया है
- स्थाई चुंबक permanant magnet
- अस्थाई चुंबक temporary magnet
1. स्थाई चुंबक Permanant Magnet
यदि एक शक्ति शाली चुंबकीय क्षेत्र में स्टील का टुकड़ा रखा जाए तो अवशिस्ठ चुंबकतव के कारण स्टील एक स्थाई चुंबक बन जायेगा। प्रतिधारित करने का यह गुण प्रतिधारिता कहलाता है। स्थाई चुंबक में चुंबकत्व हमेशा बना रहता है। इस प्रकार स्थाई चुंबक स्टील, निकिल, एलनिको, टंगस्टन धातु से बनाए जाते है।
स्थाई चुंबक को हथौड़े से पीटने या गरम करने से चुंबक की चुंबकत्व नष्ट हो जाति है अर्थात चुंबक की शक्ति नष्ट हो जाति है
2. अस्थाई चुंबक Temporary Magnet
अस्थाई चुंबक विद्युत शक्ति द्वारा बनाई जाति है जिसे इलेक्ट्रो मैग्नेट भी कहा जाता है। अस्थाई चुंबक विद्युत शक्ति देने पर लोहे और स्टील को अपनी ओर आकर्षित करती है विद्युत शक्ति बंद करने पर यह कार्य नहीं करती। इस चुंबक का बाल दी गई विद्युत ऊर्जा पर निर्भर करता है जितनी अधिक करने होगी, चुंबकीय बाल उतना ही ज्यादा होता है।
यदि एक परिणालिका के एक शक्ति शाली चुंबकीय क्षेत्र में चुंबकीय पदार्थ जैसे नरम लोहे को रखा जाए तो प्रेरण के कारण यह नरम लोहा अस्थाई चुंबक जाट बात बना रहता है जब तक उस परिणालिया में विद्युत प्रवाहित होती रहेगी। जेसे ही विद्युत ऊर्जा हटा दी जाती है वैसे ही नरम लोहे का टुकड़ा अपनी चुंबकीय शक्ति खो देता है।
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